
सनौद। गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती के अवसर पर ग्राम सनौद में तुलसी मानस प्रतिष्ठान छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में भव्य गोस्वामी तुलसीदास जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, मानस प्रेमी और ग्रामवासी शामिल हुए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कांकेर लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद मोहन मंडावी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता तुलसी मानस प्रतिष्ठान छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश देशमुख ने की। विशेष अतिथियों के रूप में जिला पंचायत बालोद की अध्यक्ष तारिणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, नगर पंचायत गुण्डरदेही के अध्यक्ष प्रमोद जैन, ग्राम पंचायत सनौद के सरपंच डींगेश्वर नाथ ठाकुर, नगर पंचायत गुण्डरदेही के उपाध्यक्ष विजय सोनकर, भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री अजेंद्र साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ पूजा-अर्चना और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद विभिन्न मानस मंडलियों ने रामचरितमानस पाठ, सुंदरकांड, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक प्रस्तुतियां दीं। धार्मिक प्रस्तुतियों के दौरान पूरा आयोजन स्थल भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।
तुलसीदास जी ने जन-जन तक पहुंचाया मर्यादा और संस्कार का संदेश
मुख्य अतिथि मोहन मंडावी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के महान संवाहक थे। उन्होंने रामचरितमानस के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, त्याग, सेवा और कर्तव्य का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि बदलते दौर में युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना बेहद जरूरी है। रामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और समाज को सही दिशा देने वाला महान ग्रंथ है। इसमें माता-पिता के प्रति सम्मान, भाईचारा, सेवा, त्याग, सत्य और कर्तव्य जैसे महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों का संदेश मिलता है।

मोहन मंडावी ने कहा कि तुलसीदास की शिक्षाओं और भगवान राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने से परिवार और समाज में प्रेम, सद्भाव और संस्कारों को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपरा और संस्कृति से परिचित कराने का प्रयास निरंतर जारी रहना चाहिए।
साहित्य और संस्कृति की अमूल्य धरोहर है रामचरितमानस
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जगदीश देशमुख ने कहा कि तुलसीदास की साहित्य साधना भारतीय समाज के लिए अमूल्य धरोहर है। रामचरितमानस ने धर्म और संस्कृति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
नगर पंचायत गुण्डरदेही के अध्यक्ष प्रमोद जैन ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज को जोड़ने का काम करते हैं। संतों और महापुरुषों के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान मानस मंडलियों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। रामचरितमानस पाठ, भजन-कीर्तन एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के बाद श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और भोजन की व्यवस्था की गई।
आयोजन में ग्राम पंचायत, समस्त ग्रामवासियों, तुलसी मानस प्रतिष्ठान के पदाधिकारियों, मानस मंडली के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।





