
- ढाई साल में 31.23% बढ़े दाम, सरकार एक हाथ से देकर दूसरे हाथ से लूट रही है: दीपक बैज
- 17 जून से तीन चरणों में हल्लाबोलेगी कांग्रेस, गांव-गांव जाकर हटवाएगी स्मार्ट मीटर
छत्तीसगढ़ में बिजली के दामों में हुई हालिया बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर योजना को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने राजधानी रायपुर स्थित प्रदेश कार्यालय (राजीव भवन) में एक आपात प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। बैज ने साय सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने महज ढाई साल के कार्यकाल में पांचवीं बार बिजली की दरें बढ़ाकर आम जनता की कमर तोड़ दी है। इसके विरोध में कांग्रेस ने आगामी 17 जून से तीन चरणों में उग्र प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है।आंकड़ों का हवाला देते हुए पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा, “बीजेपी सरकार के कार्यकाल में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट और कमर्शियल, गैर-घरेलू व किसानों के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। महज ढाई साल के भीतर बिजली के रेट में 31.23 प्रतिशत तक का इजाफा हो चुका है।” उन्होंने पिछली भूपेश बघेल सरकार की तुलना करते हुए कहा कि कांग्रेस के पांच साल के कार्यकाल में सिर्फ दो पैसे की मामूली वृद्धि हुई थी, जबकि भाजपा आते ही जनता पर महंगाई का बोझ लाद दिया गया।
महतारी वंदन से दिया, स्मार्ट मीटर से छीना
दीपक बैज ने सरकार की महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ महिलाओं के खाते में महतारी वंदन योजना के पैसे डाल रही है, तो दूसरी तरफ स्मार्ट मीटर और महंगी बिजली के जरिए उसी घर से हर महीने 2 से 3 हजार रुपए वापस वसूल रही है। बैज ने आरोप लगाया, “बीजेपी ने कांग्रेस सरकार की ‘बिजली बिल हाफ योजना’ को बंद कर दिया। अब स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं से ज्यादा बिल वसूला जा रहा है, जो सीधे तौर पर बिजली की संगठित चोरी है।” कांग्रेस ने मांग की है कि बढ़े हुए दाम तुरंत वापस लिए जाएं और स्मार्ट मीटर योजना को बंद किया जाए।कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सड़क से सदन तक सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। जिसके पहले चरण के तहत छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस कार्यकर्ता बिजली दफ्तरों का घेराव करेंगे और सरकार का पुतला फूंकेंगे। जिसके बाद सभी जिला मुख्यालयों में स्थानीय कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी, ताकि सरकार की इस विफलता को आम जनता तक पहुंचाया जा सके। वही अंतिम और तीसरे चरण में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता गांव-गांव का दौरा करेंगे। इस दौरान ग्रामीणों को स्मार्ट मीटर के नुकसान समझाए जाएंगे और इसे हटाने के लिए सामूहिक आवेदन लिखवाए जाएंगे।






