
सूरजपुर के एक धान खरीदी केंद्र में बड़े पैमाने पर धान की हेराफेरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है, सारारावाँ धान खरीदी केंद्र से करीब 80 लाख रुपये मूल्य का धान गायब पाए जाने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है. दरअसल जिला प्रशासन द्वारा गठित राजस्व एवं सहकारिता विभाग की संयुक्त टीम इन दिनों जिले के तमाम धान खरीदी केंद्रों की सघन निगरानी और औचक निरीक्षण कर रही है. इसी क्रम में टीम जब सारारावाँ धान खरीदी केंद्र पहुँची, तो वहाँ गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं,जांच में पाया गया कि चालू खरीदी वर्ष में इस केंद्र पर अब तक 4842 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज की गई है, जिसमें से 240 क्विंटल धान का उठाव हो चुका है, इस हिसाब से केंद्र में 40 हजार 602 क्विंटल धान मौजूद होना चाहिए था, लेकिन भौतिक सत्यापन में केवल 34 हजार 132 क्विंटल धान ही पाया गया. यानि केंद्र से 6470 बोरी धान गायब है, जिसका कुल वजन 2588 क्विंटल आंका गया है, गायब धान की बाजार कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई जा रही है,जब निगरानी समिति ने गायब धान को लेकर समिति प्रबंधक से जानकारी मांगी, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका. इसके बाद निगरानी समिति ने पूरे मामले की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और धान खरीदी केंद्र के संचालक के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है.
इस पूरे मामले में आशंका जताई जा रही है कि अवैध तरीके से किसानों के खातों में धान की बिक्री दर्ज की गई, जबकि वास्तव में धान की खरीदी हुई ही नहीं. वहीं यह भी शक है कि सरकारी धान की खरीद-बिक्री में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है,फिलहाल धान की इस भारी कमी की असल वजह क्या है, इसका खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा, फिलहाल प्रशासन ने साफ किया है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.




