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बिलासपुर(छग) : सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र से जुड़े एक संवेदनशील मामले में पुलिस विवेचना में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कड़ा कदम उठाया है। मामले के विवेचक उप निरीक्षक गणेश राम महिलांगे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।जानकारी के अनुसार, 31 दिसंबर को बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में किए गए पुतला दहन के दौरान खपरगंज निवासी सोहेल खान एवं उसके साथियों ने युवक नरेश साहू (18 वर्ष) के साथ मारपीट व जान से मारने की धमकी दी थी। नरेश साहू ने इस संबंध में सिटी कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई थी।शिकायत के बाद भी आरोपी द्वारा लगातार धमकियां दिए जाने और पुलिस द्वारा समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से मानसिक रूप से प्रताड़ित होकर नरेश साहू ने मुंगेली थाना क्षेत्र अंतर्गत अपने गांव में आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पूर्व मृतक द्वारा सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में भी प्रताड़ना और पुलिस निष्क्रियता का उल्लेख किया गया।प्रारंभिक शिकायत सिटी कोतवाली में दर्ज होने के कारण पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हुए। विवेचना में देरी का लाभ आरोपी को मिला, जिससे मामला और गंभीर हो गया। घटना के बाद हिंदू संगठनों द्वारा सिटी कोतवाली के सामने धरना-प्रदर्शन व चक्का जाम किया गया था जो सहायक पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पटेल के द्वारा आरोपी के ऊपर कठोर कार्यवाही आश्वासन पर समाप्त हुआ। इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने विवेचक एसआई गणेश राम महिलांगे को निलंबित कर दिया।
कर्तव्य में शिथिलता जनता के विश्वास को करती है प्रभावित — एसएसपी
एसएसपी रजनेश सिंह स्पष्ट किया कि कर्तव्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि विवेचना में की गई छोटी सी चूक भी बड़े परिणाम ला सकती है और इससे जनता का विश्वास प्रभावित होता है। फिलहाल आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत रिमांड पर भेजने की कार्रवाई की जा रही है तथा प्रकरण की उच्चस्तरीय समीक्षा शुरू कर दी गई है।






