
बिलासपुर : जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में एक युवक की आत्महत्या के बाद शहर में तनाव का माहौल बन गया। मृतक को आत्महत्या के लिए प्रेरित किए जाने का आरोप लगाते हुए हिंदू संगठनों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर सिटी कोतवाली थाना का घेराव किया तथा गोलबाजार चौराहे पर धरना-प्रदर्शन किया, जिससे घंटों तक यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 31 दिसंबर को हिंदू संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं के द्वारा बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में शहर में पुतला दहन किया जा रहा था, जिसमें नरेश साहू नामक युवक शामिल था। आरोप है कि इस दौरान खपरगंज निवासी सोहेल खान ने नरेश साहू से यह कहते हुए मारपीट किया कि वह बांग्लादेश के खिलाफ पुतला दहन क्यों कर रहा है? साथ ही उसने जान से मारने की धमकी भी दी। बताया जा रहा है कि पीड़ित नरेश साहू ने इस संबंध में सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन शिकायत के बाद भी आरोपी द्वारा फोन के माध्यम से बार-बार प्रताड़ित किए गया।
प्रताड़ना से तंग आकर नरेश साहू ने आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया, जिसमें उसने सोहेल खान द्वारा मारपीट, लगातार धमकी और पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने की बात कही वही कुछ देर बार जानकारी मिली कि वास्तव में युवक नरेश साहू ने मुंगेली थाना क्षेत्र में जाकर आत्महत्या।कर लिया है। खबर फैलते ही हिंदू संगठन में आक्रोश फैल गया, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सिटी कोतवाली थाना पहुंच गए और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जोरदार हंगामा करने लगे साथ ही प्रदर्शनकारी गोलबाजार चौराहे पर धरने पर बैठ गए, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था ठप हो गई और जाम की स्थिति बन गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पटेल मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को निष्पक्ष जांच एवं उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रित हुई और यातायात बहाल किया गया। हालांकि, हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यह आंदोलन फिलहाल अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है। यदि निर्धारित समय सीमा तक आरोपी सोहेल खान और उसके साथियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो वे बड़े आंदोलन की घोषणा करेंगे।

जांच जारी है होगी विधिसम्मत कार्रवाई – अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
मौके पर पहुंचे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पटेल ने कहा कि रास्ता जाम कर आंदोलन करना कोई विकल्प नहीं है इससे न केवल यातायात व्यवस्था बल्कि शहर की शांति व्यवस्था भी बाधित हो रही है। मृतक ने 31 दिसंबर को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने प्रताड़ना की बात कही थी। पुलिस द्वारा उसे बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था, लेकिन देर होने की बात कहकर वह घर चला गया। इसके बाद उसने आत्महत्या कर ली। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने आगे कहा कि हमारे द्वारा मामले में विभिन्न बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है और आगे विधिसम्मत कार्रवाई भी की जाएगी। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार भी किया जाएगा तब तक के लिए आप सभी से अपील है कि कृपया शांति व्यवस्था बनाए रखें।






